नौकरी बदलने के दौरान कई कर्मचारियों के अलग-अलग पीएफ अकाउंट बन जाते हैं। हर नई कंपनी में नया पीएफ नंबर मिल जाता है, जिससे कई बार कर्मचारियों के पास एक से ज्यादा पीएफ अकाउंट हो जाते हैं। ऐसे में इन्हें एक ही खाते में मर्ज करना जरूरी होता है ताकि भविष्य में पैसे निकालने या ट्रैक करने में परेशानी न हो।
भारत में कर्मचारियों के भविष्य निधि का प्रबंधन Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) द्वारा किया जाता है। EPFO की ऑनलाइन सेवाओं के जरिए अब कर्मचारी अपने पुराने पीएफ अकाउंट को आसानी से नए अकाउंट में ट्रांसफर या मर्ज कर सकते हैं।
| जरूरी चीज | जानकारी |
|---|---|
| संस्था | Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) |
| प्रक्रिया | ऑनलाइन PF ट्रांसफर |
| जरूरी दस्तावेज | UAN, आधार और बैंक डिटेल |
| समय | आमतौर पर 10–20 दिन |
PF अकाउंट मर्ज क्यों करना जरूरी है
अगर किसी कर्मचारी के पास कई पीएफ अकाउंट होते हैं तो पैसे का सही रिकॉर्ड रखना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के बाद फंड निकालने की प्रक्रिया भी जटिल हो सकती है।
इसलिए बेहतर होता है कि सभी पुराने पीएफ खातों को एक ही यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी Universal Account Number (UAN) के तहत मर्ज कर लिया जाए।
ऐसे करें PF अकाउंट मर्ज
सबसे पहले EPFO की आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें और अपने UAN और पासवर्ड से अकाउंट खोलें। लॉगिन करने के बाद “Online Services” सेक्शन में जाकर “Transfer Request” विकल्प चुनें।
इसके बाद आपको अपने पुराने और नए पीएफ अकाउंट की जानकारी भरनी होगी। जानकारी भरने के बाद ओटीपी के जरिए सत्यापन किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपका पुराना पीएफ बैलेंस नए अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है।
प्रक्रिया पूरी होने में कितना समय लगता है
ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट जमा करने के बाद आमतौर पर 10 से 20 दिनों के भीतर पीएफ बैलेंस ट्रांसफर हो जाता है। हालांकि कुछ मामलों में कंपनी की पुष्टि या दस्तावेज जांच के कारण थोड़ा अधिक समय भी लग सकता है।
निष्कर्ष
नौकरी बदलने के बाद कई पीएफ अकाउंट बन जाना आम बात है, लेकिन इन्हें समय पर मर्ज करना जरूरी होता है। EPFO की ऑनलाइन सुविधा के जरिए कर्मचारी अपने पुराने पीएफ खातों को आसानी से एक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं, जिससे भविष्य में फंड मैनेज करना आसान हो जाता है।