देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की कमी की खबरों के बीच अब लोग तेजी से इंडक्शन कुकटॉप की ओर रुख कर रहे हैं। गैस सिलेंडर की अनिश्चित सप्लाई और बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू रसोई में इलेक्ट्रिक विकल्पों की मांग अचानक बढ़ गई है। यही वजह है कि बाजार में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गैस संकट के बाद देशभर में हर दिन करीब 2 लाख इंडक्शन कुकटॉप बिक रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। कई शहरों में तो कुछ मॉडल स्टॉक से बाहर भी हो रहे हैं।
गैस संकट से बढ़ी इंडक्शन की डिमांड
हाल के दिनों में LPG (Liquefied Petroleum Gas) की सप्लाई में आई दिक्कतों ने लोगों को वैकल्पिक कुकिंग विकल्प खोजने के लिए मजबूर कर दिया है। ऐसे में बिजली से चलने वाले इंडक्शन कुकटॉप सबसे आसान और किफायती विकल्प के रूप में सामने आए हैं।
इंडक्शन कुकटॉप की खास बात यह है कि इसमें गैस सिलेंडर की जरूरत नहीं होती और इसे केवल बिजली से चलाया जा सकता है। यही कारण है कि कई परिवार अब बैकअप किचन विकल्प के तौर पर इसे खरीद रहे हैं।
इंडक्शन कुकटॉप क्यों बन रहा लोकप्रिय
इंडक्शन कुकटॉप तेजी से गर्म होता है और खाना जल्दी तैयार करने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें तापमान को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे खाना जलने की संभावना कम रहती है।
यह उपकरण सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें खुली आग नहीं होती। गैस लीकेज या सिलेंडर बदलने जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाता है।
बाजार में कंपनियों को मिला बड़ा फायदा
इंडक्शन कुकटॉप की मांग बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की बिक्री में भी अचानक उछाल देखने को मिला है। कई कंपनियां अपने उत्पादन को बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और रिटेल दुकानों पर भी इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
निष्कर्ष
LPG संकट ने घरेलू किचन के विकल्पों को लेकर लोगों की सोच बदल दी है। इंडक्शन कुकटॉप जैसे इलेक्ट्रिक उपकरण अब केवल सुविधा का साधन नहीं बल्कि जरूरत बनते जा रहे हैं। आने वाले समय में अगर गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है तो इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की मांग और बढ़ सकती है।