देश के कई हिस्सों में इन दिनों कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्तरां कारोबार पर पड़ रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक केरल में गैस की कमी इतनी बढ़ गई है कि लगभग 40 प्रतिशत रेस्तरां बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। कई होटल मालिकों का कहना है कि उनके पास खाना बनाने के लिए पर्याप्त गैस सिलेंडर नहीं बचा है, जिससे उन्हें मजबूरी में अपने कारोबार को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।
केरल में रेस्तरां कारोबार पर सबसे ज्यादा असर
होटल और रेस्तरां मालिकों के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई समय पर नहीं मिल पा रही है। इसी वजह से कई छोटे और मध्यम रेस्तरां को अपना काम बंद करना पड़ रहा है। कुछ होटल मालिकों ने कहा कि अगर गैस की सप्लाई जल्दी सामान्य नहीं हुई तो और ज्यादा रेस्तरां बंद हो सकते हैं।
हॉस्टल, कैंटीन और मेस भी प्रभावित
गैस की कमी का असर केवल होटल तक सीमित नहीं है। छात्र हॉस्टल, कॉलेज मेस और ऑफिस कैंटीन में भी खाना बनाने में परेशानी हो रही है। जहां रोजाना सैकड़ों लोगों के लिए खाना बनता है, वहां गैस की कमी के कारण मेन्यू कम करना पड़ा है और कई जगह वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
मेन्यू में बदलाव करने को मजबूर होटल
कई रेस्तरां गैस बचाने के लिए अपने मेन्यू में बदलाव कर रहे हैं। कुछ ऐसे फूड आइटम जिन्हें बनाने में ज्यादा गैस लगती है, उन्हें अस्थायी रूप से मेन्यू से हटा दिया गया है। होटल मालिकों का कहना है कि यह कदम उन्हें मजबूरी में उठाना पड़ रहा है।
गैस से चलने वाले शवदाह गृहों पर भी असर
कुछ शहरों में गैस से संचालित शवदाह गृहों में भी परेशानी की खबरें सामने आई हैं। गैस सिलेंडर की कमी के कारण संचालन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन ने गैस की सप्लाई जल्द बहाल करने के लिए संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया है।
क्या है LPG संकट की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार इस संकट के पीछे सप्लाई चेन में रुकावट, कमर्शियल सिलेंडर की मांग बढ़ना और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रही हैं ताकि आम जनता और कारोबार पर इसका ज्यादा असर न पड़े।
निष्कर्ष
LPG संकट का असर केवल घरों की रसोई तक सीमित नहीं है बल्कि होटल, रेस्तरां, हॉस्टल और कई संस्थानों तक पहुंच गया है। अगर गैस की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं होती है तो आने वाले दिनों में फूड इंडस्ट्री को और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।