LPG की किल्लत लेकिन PNG की सप्लाई सामान्य क्यों? इस सवाल में छिपा है गैस संकट का असली समाधान
देश के कई हिस्सों में इन दिनों रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर परेशानियां सामने आ रही हैं। कई शहरों में लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे घरों से लेकर छोटे होटल और रेस्टोरेंट तक प्रभावित हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पाइप के जरिए मिलने वाली PNG गैस की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि जब LPG की कमी हो रही है तो PNG की सप्लाई पर असर क्यों नहीं पड़ रहा।
दरअसल LPG और PNG की सप्लाई व्यवस्था और उपयोग का तरीका पूरी तरह अलग होता है। यही वजह है कि एक में समस्या आने पर भी दूसरे पर तुरंत असर नहीं पड़ता।
LPG और PNG में क्या होता है अंतर
LPG यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस सिलेंडर के जरिए घरों तक पहुंचाई जाती है। इसे रिफाइनरी से भरकर ट्रकों के माध्यम से गैस एजेंसियों तक भेजा जाता है और फिर वहां से उपभोक्ताओं के घर तक डिलीवरी होती है।
वहीं PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घरों और कमर्शियल जगहों तक पहुंचाई जाती है। इसमें सिलेंडर की जरूरत नहीं होती और गैस लगातार पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए मिलती रहती है।
LPG में क्यों आ सकती है दिक्कत
LPG की सप्लाई में कई चरण होते हैं जैसे उत्पादन, बॉटलिंग, ट्रांसपोर्ट और डिलीवरी। इन चरणों में किसी भी स्तर पर समस्या आने पर सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
अगर ट्रांसपोर्ट में देरी हो जाए, बॉटलिंग प्लांट में समस्या आ जाए या किसी वजह से सप्लाई चेन बाधित हो जाए तो कई शहरों में अस्थायी कमी देखने को मिल सकती है।
PNG की सप्लाई क्यों रहती है सामान्य
PNG गैस का नेटवर्क पाइपलाइन के जरिए सीधे गैस स्रोत से जुड़ा होता है। एक बार पाइपलाइन बिछ जाने के बाद गैस लगातार सप्लाई होती रहती है।
इसमें सिलेंडर भरने, ट्रांसपोर्ट करने या डिलीवरी की जरूरत नहीं होती, इसलिए सप्लाई चेन में रुकावट की संभावना भी काफी कम होती है।
क्या PNG भविष्य का समाधान बन सकता है
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में PNG गैस का नेटवर्क बढ़ाने से रसोई गैस से जुड़ी कई समस्याएं कम हो सकती हैं। अगर ज्यादा घर पाइप्ड गैस नेटवर्क से जुड़ते हैं तो सिलेंडर पर निर्भरता कम हो सकती है और सप्लाई भी ज्यादा स्थिर रह सकती है।
इसी वजह से कई बड़े शहरों में सरकार और गैस कंपनियां PNG नेटवर्क का विस्तार तेजी से कर रही हैं।
निष्कर्ष
LPG और PNG दोनों गैस का उपयोग खाना बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन उनकी सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह अलग होती है। LPG सिलेंडर आधारित सप्लाई पर निर्भर है, जबकि PNG पाइपलाइन नेटवर्क से सीधे घरों तक पहुंचती है। यही कारण है कि कई जगह LPG की किल्लत देखने को मिल रही है, जबकि PNG की सप्लाई सामान्य बनी हुई है।