देश में रसोई गैस और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चर्चा के बीच कई लोग यह जानना चाहते हैं कि PNG (Piped Natural Gas) को आखिर कैसे स्टोर किया जाता है और भारत में इसका स्टॉक कितने दिन के लिए उपलब्ध रहता है। PNG आमतौर पर घरों, होटलों और उद्योगों में पाइपलाइन के माध्यम से सप्लाई की जाती है, इसलिए इसकी स्टोरेज प्रक्रिया LPG से थोड़ी अलग होती है।
PNG असल में प्राकृतिक गैस होती है, जिसका मुख्य घटक मीथेन (Methane) होता है। इसे सिलेंडर में भरकर नहीं रखा जाता, बल्कि गैस नेटवर्क और विशेष स्टोरेज सिस्टम के जरिए सुरक्षित रखा जाता है और जरूरत के अनुसार सप्लाई की जाती है।
PNG गैस को कैसे किया जाता है स्टोर
| स्टोरेज तरीका | विवरण |
|---|---|
| अंडरग्राउंड स्टोरेज | जमीन के नीचे बने बड़े गैस भंडारों में स्टोर |
| गैस पाइपलाइन नेटवर्क | लंबी पाइपलाइन में लगातार प्रवाह के रूप में |
| LNG टर्मिनल | तरल रूप में आयात कर बाद में गैस में बदलना |
| गैस रिजर्व टैंक | आपात स्थिति के लिए विशेष टैंक |
देश में कितने दिन का PNG स्टॉक होता है
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा आयात और घरेलू उत्पादन दोनों से आता है। PNG के लिए अलग से सिलेंडर जैसा स्टॉक नहीं रखा जाता, बल्कि गैस पाइपलाइन सिस्टम और LNG टर्मिनल के माध्यम से लगातार सप्लाई होती रहती है।
आम तौर पर भारत के पास लगभग 10 से 15 दिनों की प्राकृतिक गैस सप्लाई की व्यवस्था मानी जाती है, जिसमें आयातित LNG और घरेलू गैस उत्पादन दोनों शामिल होते हैं। हालांकि यह समय अलग-अलग परिस्थितियों और मांग के अनुसार बदल सकता है।
PNG सप्लाई किन स्रोतों से आती है
| स्रोत | विवरण |
|---|---|
| घरेलू गैस फील्ड | भारत के गैस कुओं से उत्पादन |
| LNG आयात | विदेशों से तरल गैस आयात |
| पाइपलाइन नेटवर्क | देशभर में गैस वितरण |
| गैस प्रोसेसिंग प्लांट | गैस को साफ और उपयोग योग्य बनाना |
PNG गैस के फायदे
PNG का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि यह सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है। इसमें सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती और गैस सीधे पाइपलाइन से घर तक पहुंचती है। इसके अलावा यह अपेक्षाकृत साफ ईंधन भी माना जाता है, जिससे प्रदूषण कम होता है।
निष्कर्ष
PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस को सिलेंडर में नहीं बल्कि पाइपलाइन नेटवर्क, LNG टर्मिनल और विशेष गैस स्टोरेज सिस्टम के जरिए स्टोर और सप्लाई किया जाता है। भारत में प्राकृतिक गैस की सप्लाई घरेलू उत्पादन और आयात दोनों पर आधारित है, जिससे आम तौर पर करीब 10 से 15 दिनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है।